नीमच। शहर को अतिक्रमण मुक्त और व्यवस्थित बनाने का दावा करने वाला नगर पालिका प्रशासन आखिर वार्ड नंबर 17 के इस कथित अतिक्रमण पर कार्रवाई से क्यों बच रहा है? जब नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा और मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) दुर्गा बामनिया की मंशा शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने की है, तब सार्वजनिक मार्ग पर कब्जा कर खड़ी की गई इस घेराबंदी पर प्रशासन का रुख ढीला क्यों दिखाई दे रहा है?
मामला वार्ड नंबर 17 स्थित कॉम्प्लेक्स के समीप और मांगलिक भवन जाने वाले मुख्य रास्ते का है। यहाँ कथित रूप से पाल/चादर तानकर आम आवागमन के रास्ते को घेरे जाने की बात सामने आई है।
प्रशासनिक तालमेल का अभाव या टालमटोल?
मामले की पड़ताल में नगर पालिका के अंदरूनी समन्वय पर सवाल खड़े हुए हैं:
* दरोगा सुनील कल्याणी ने अपना विभागीय दायित्व निभाते हुए मामले की पूरी रिपोर्ट स्वास्थ्य अधिकारी दिनेश टांक को पूर्व में ही प्रेषित कर दी थी।
* CMO दुर्गा बामनिया से जब इस बाबत चर्चा की गई, तो उनका कहना था कि यह विषय अब उनके संज्ञान में आ चुका है।
यहाँ सीधा सवाल यह है कि जब निचले अमले से सूचना स्वास्थ्य अधिकारी तक पहुँच चुकी थी, तो मौके पर बेदखली या जांच की वैधानिक प्रक्रिया शुरू होने में इतना समय क्यों लगा? क्या फाइलें केवल मेजों पर घूम रही हैं?
पार्षद छाया जायसवाल का कड़ा रुख
इस पूरे घटनाक्रम में वार्ड नंबर 17 की स्थानीय पार्षद छाया जायसवाल ने नागरिकों की समस्या को गंभीरता से लिया है। पार्षद छाया जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि यह मामला उनके संज्ञान में है और वे आम रास्ते पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे के सख्त खिलाफ हैं। उन्होंने नियमानुसार कठोर कार्रवाई कराने की बात कही है।
जनप्रतिनिधि के इस स्पष्ट और सख्त रुख के बाद अब पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन पर आ टिकती है।
नियम एक, कार्रवाई भी एक होनी चाहिए
मिशन मालवा न्यूज़ निष्पक्ष पत्रकारिता के सिद्धांतों पर कायम है:
* यदि निर्माण/घेराबंदी अवैध है: तो नगर पालिका बिना किसी दबाव या प्रभाव के तत्काल कार्रवाई कर सार्वजनिक मार्ग को मुक्त कराए।
* यदि स्थिति वैध है: तो नगर पालिका स्थिति को आधिकारिक रूप से स्पष्ट करे ताकि जनता के बीच कोई भ्रम न रहे।
* स्वास्थ्य अधिकारी तक सूचना पहुँचने के बाद भी प्रशासनिक अमला मौके पर क्यों नहीं पहुँचा?
* सीएमओ के संज्ञान में आने के बाद मामले में समयबद्ध कार्रवाई की क्या समय-सीमा तय की गई है?
* क्या सार्वजनिक रास्ते को अवरुद्ध करने वाले पर नियमानुसार सख्त कदम उठाया जाएगा?
निष्कर्ष
यह खबर प्रशासनिक जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से है। नगर पालिका का काम हर वार्ड में एक समान नियम लागू करना है। वार्ड 17 में पार्षद छाया जायसवाल की पहल के बाद अब देखना यह है कि नगर पालिका प्रशासन धरातल पर क्या कार्रवाई करता है।
(जवाब का इंतजार नगर पालिका प्रशासन से है...)
— चिराग फगवार, मिशन मालवा न्यूज़
निष्पक्ष, निर्भीक और सीधी बात।