नई दिल्ली। देश की शिक्षा व्यवस्था और नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा को लेकर जारी घटनाक्रम के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक पत्र में उनके पद से त्यागपत्र दिए जाने का उल्लेख सामने आया है। नीट-यूजी 2026 की परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं, सीबीआई जांच और लगातार जारी घटनाक्रमों के बीच जारी इस पत्र ने राजनीतिक व प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।
पत्र में इस्तीफे की बताई गई यह वजह
धर्मेंद्र प्रधान के नाम से सामने आए पत्र में कहा गया है कि वे पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं। पत्र के अनुसार, जंतर-मंतर और देश के विभिन्न हिस्सों में बन रही मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री को भेजने की बात कही गई है।
पत्र में दिए गए वक्तव्य के अनुसार:
> *"जंतर-मंतर और देश में जो स्थिति बनी है, इसका राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ न उठाएं, देश की एकता बनी रहे और भारत के किसी भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है।"*
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### **नीट परीक्षा और सीबीआई जांच का उल्लेख**
जारी पत्र में नीट-यूजी परीक्षा प्रक्रिया के घटनाक्रम का विवरण प्रस्तुत किया गया है:
* **सीबीआई जांच व री-एग्जाम:** पत्र के अनुसार, 3 मई 2026 को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी सामने आने के बाद मामला जांच एजेंसियों को सौंपा गया था और 21 जून 2026 को पुनः परीक्षा आयोजित कराई गई थी।
* **भविष्य की व्यवस्था:** पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि आगामी वर्षों में प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से अगले वर्ष से नीट परीक्षा को **कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT)** मोड में कराने का निर्णय लिया गया है।
### **"छात्रों के हित को बताया प्राथमिकता"**
पत्र में दावा किया गया है कि उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही कि किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य प्रभावित न हो। पत्र के अंत में प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन का आभार व्यक्त करते हुए राष्ट्रसेवा के प्रति अपनी निरंतर प्रतिबद्धता दोहराई गई है।
इस पूरे मामले पर केंद्र सरकार या प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से आधिकारिक पुष्टि व आगे के निर्णयों का इंतजार किया जा रहा है।